नागपुर पुलिस ने घरफोड़़ी मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, ₹3.34 करोड़ का चोरी का मुद्देमाल बरामद।
नागपुर: आतिश तिवारी
नागपुर शहर पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र में हुई करोड़ों रुपये की घरफोड़़ी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। अपराध शाखा यूनिट-1 ने इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लगभग ₹3.34 करोड़ मूल्य का चोरी का मुद्देमाल बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 जनवरी 2026 की रात से 20 जनवरी 2026 की सुबह के बीच हुई। अज्ञात आरोपियों ने घर के पीछे स्थित रसोईघर की खिड़की की लोहे की ग्रिल तोड़कर प्रवेश किया और अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। इस संबंध में सदर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अपराध शाखा यूनिट-1 द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच और गुप्त सूचना के आधार पर सघन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजनिकांत केशव चनोरे (उम्र 25 वर्ष) और प्रताप गोपाल उरकुडे (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से 1228 ग्राम सोने के आभूषण, 197 ग्राम चांदी, नकदी, मोबाइल फोन, चोरी में प्रयुक्त औजार और वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए मुद्देमाल की कुल कीमत लगभग ₹3.34 करोड़ है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी एक आदतन घरफोड़़ी अपराधी है, जिसके खिलाफ नागपुर, भंडारा, चंद्रपुर सहित विभिन्न जिलों में कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 8 दिन की पुलिस हिरासत प्राप्त की गई है और आगे की जांच जारी है।

यह कार्रवाई नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त श्री रविंद्रकुमार सिंघल, अपर पुलिस आयुक्त श्री नवीनचंद्र रेड्डी, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री वसंत परदेशी, पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन) श्री राहुल माकनिकर तथा सहायक पुलिस आयुक्त श्री नरेंद्र हिवरे के मार्गदर्शन में की गई।

इसके साथ ही अपराध शाखा यूनिट-1 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर भेदोडकर, पुलिस निरीक्षक राजाभाऊ जाधव सहित टीम के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

