मलबार हिल से बड़ी चोरी का सनसनीखेज मामला
मुंबई: आतिश तिवारी
देश की आर्थिक राजधानी के सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित माने जाने वाले मलबार हिल इलाके से एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है, जिसने निजी सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस व्यक्ति पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वही व्यक्ति इस वारदात का मुख्य आरोपी निकला।
मामला मलबार हिल स्थित हाई-प्रोफाइल आवासीय इमारत ‘कल्पवृक्ष’ से जुड़ा है, जहां तैनात सुरक्षारक्षक रामदेव सिंह ने कथित रूप से ₹17 लाख मूल्य की नकदी और बहुमूल्य वस्तुएं लेकर फरार होने की घटना को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी को इमारत में रहने वाले अशोक गजरा परिवार द्वारा कुछ कीमती सामान सांताक्रूज़ भेजने की तैयारी की जा रही थी। अशोक गजरा की पत्नी सरोजबेन गजरा ने अपने भाई हरेश सांजकिया के घर भेजने के लिए कुल छह बैग तैयार किए थे।

हालांकि, उसी दिन हरेश सांजकिया के व्यस्त कार्यक्रम के चलते बैग ले जाना संभव नहीं हो सका। इसके चलते सुरक्षा के लिहाज़ से सभी बैगों को अस्थायी रूप से इमारत में कार्यरत सफाई कर्मचारी पन्नालाल के कमरे में सुरक्षित रख दिया गया।
इसी दौरान, किसी को भी इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि पास ही मौजूद सुरक्षारक्षक रामदेव सिंह की नजर इन बैगों पर टिक चुकी है। पूरी योजना के तहत, आरोपी ने मौके का फायदा उठाने की तैयारी कर ली।
अगले दिन यानी 29 जनवरी को जब हरेश सांजकिया दोपहर में बैग लेने पहुंचे, तब उनकी गाड़ी में केवल पांच बैग रखे गए। जब छठे बैग के बारे में पूछा गया, तो बताया गया कि वह सुरक्षारक्षक रामदेव सिंह के कमरे में रखा है।
रामदेव के भोजन पर जाने की बात कही गई और यह भरोसा दिलाया गया कि लौटते ही वह बैग गाड़ी में रख देगा। लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक इंतज़ार के बावजूद वह वापस नहीं लौटा। इसी दौरान उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला, जिससे संदेह गहराता चला गया।
जब दो दिनों तक सुरक्षारक्षक का कोई सुराग नहीं मिला, तब 31 जनवरी को गजरा परिवार ने मलबार हिल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि चोरी हुए बैग में ₹12 लाख नकद और लगभग ₹5 लाख मूल्य की तीन रोलेक्स घड़ियां रखी थीं।
इस प्रकार, कुल ₹17 लाख के ऐवज की चोरी की पुष्टि हुई।
मलबार हिल पुलिस ने आरोपी सुरक्षारक्षक रामदेव सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है।
यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि हाई-प्रोफाइल इलाकों में तैनात निजी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कितनी आवश्यक है।

