मुंबई: आतिश तिवारी
मुंबई में अपराधियों के विरुद्ध एक सशक्त और परिणामोन्मुख कार्रवाई करते हुए पुलिस उप आयुक्त, परिमंडल 4, मुंबई के नेतृत्व में एक विशेष अभियान संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत चोरी एवं गुम हुए मोबाइल दूरभाष उपकरणों तथा अन्य बहुमूल्य संपत्ति की व्यापक स्तर पर बरामदगी की गई। इस निर्णायक पहल ने न केवल अपराधियों पर प्रभावी प्रहार किया, बल्कि सैकड़ों पीड़ित नागरिकों को उनका वैधानिक अधिकार भी पुनः प्राप्त कराया।

दिनांक 20 सितंबर 2025 से प्रारंभ किए गए इस अभियान के अंतर्गत परिमंडल 4 के प्रत्येक पुलिस थाने में विशेष पथकों का गठन किया गया। इन पथकों द्वारा वर्ष 2019 से वर्ष 2026 तक दर्ज चोरी एवं गुमशुदगी के प्रकरणों का सूक्ष्म विश्लेषण कर तकनीकी प्रणाली के माध्यम से मोबाइल उपकरणों का अन्वेषण किया गया। तत्पश्चात मुंबई, महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों में पुलिस दल प्रेषित कर दिनांक 27 फरवरी 2026 तक कुल 567 मोबाइल उपकरण बरामद किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य रुपये 1,22,32,393 है।

इसके अतिरिक्त घरफोड़ियों एवं चोरी के 24 प्रकरणों में चोरी गए स्वर्ण आभूषण एवं अन्य बहुमूल्य संपत्ति भी बरामद की गई, जिनका अनुमानित मूल्य रुपये 3,04,02,634 है। इस प्रकार कुल बरामद मुद्देमाल का अनुमानित मूल्य रुपये 4,26,35,027 (अक्षरी रूप में रुपये चार करोड़ छब्बीस लाख पैंतीस हजार सत्ताईस मात्र) है। दिनांक 28 फरवरी 2026 को आयोजित विशेष कार्यक्रम में विधिसम्मत प्रक्रिया पूर्ण कर समस्त बरामद संपत्ति संबंधित शिकायतकर्ताओं को सुपुर्द की गई।
उक्त संपत्ति को विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत जब्त कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को लौटाने की कार्रवाई माननीय पुलिस आयुक्त, बृहन्मुंबई श्री देवेन भारती, माननीय सह पुलिस आयुक्त (कानून एवं सुव्यवस्था), बृहन्मुंबई श्री सत्यनारायण, माननीय अपर पुलिस आयुक्त, मध्य प्रादेशिक विभाग, बृहन्मुंबई श्री विक्रम देशमाने तथा पुलिस उप आयुक्त, परिमंडल 4, मुंबई श्रीमती राजश्री आर. के मार्गदर्शन में संपन्न की गई। इस कार्रवाई का आयोजन सहायक पुलिस आयुक्त, भायखला विभाग, माटुंगा विभाग एवं सायन विभाग के पर्यवेक्षण में किया गया। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, भायखला पुलिस थाना, कालाचौकी पुलिस थाना, माटुंगा पुलिस थाना, आर. ए. किदवई मार्ग पुलिस थाना, सायन पुलिस थाना, एंटॉप हिल पुलिस थाना तथा वडाला टी. टी. पुलिस थाना सहित परिमंडल के 9 अधिकारियों एवं 15 कर्मचारियों के माध्यम से उक्त अभियान को सुदृढ़, प्रभावी एवं विधिसंगत रूप से कार्यान्वित किया गया।
मुंबई पुलिस परिमंडल 4 की यह प्रभावशाली एवं ऐतिहासिक कार्रवाई अपराध जगत के लिए स्पष्ट चेतावनी है तथा नागरिकों में सुरक्षा, विश्वास और कानून के प्रति आस्था को और अधिक सुदृढ़ करने वाली सिद्ध हुई है।

