3200 करोड़ निवेश घोटाले के आरोपी लविश चौधरी के खिलाफ एसटीएफ ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया, दुबई से भारत लाने की तैयारी तेज।
मध्यप्रदेश : आतिश तिवारी
देश के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में फरार मुख्य आरोपी लविश चौधरी के खिलाफ मध्यप्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया है। अब उसे दुबई से भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

मध्यप्रदेश एसटीएफ द्वारा इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद लविश चौधरी की अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे पहले उसके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसके आधार पर उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद संबंधित देशों की एजेंसियां उसे हिरासत में लेकर भारत को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ कर सकती हैं।

एसटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक नवीन चौधरी ने बताया कि आरोपी को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। न्यायालय से स्वीकृति मिलने के बाद यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात सरकार को भेजा जाएगा। कानूनी प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात प्रत्यर्पण की औपचारिक कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
जांच एजेंसी के अनुसार यह घोटाला निवेशकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विदेशी मुद्रा व्यापार और बहुस्तरीय विपणन योजना के नाम पर ऊंचा लाभ देने का लालच देकर अंजाम दिया गया। देश के विभिन्न राज्यों के हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त तथा फ्रीज की गई हैं।
लविश चौधरी, जिसे ‘नवाब’ के नाम से भी जाना जाता है, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके भारत लौटने के बाद घोटाले से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
मध्यप्रदेश एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और देश से फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव अंतरराष्ट्रीय सहयोग लिया जाएगा। यह कार्रवाई न केवल निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक अपराधियों के लिए सख्त संदेश भी है कि वे कहीं भी हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।

