वसई विरार महानगरपालिका भ्रष्टाचार लिपिक गिरफ्तार

वसई विरार महानगरपालिका भ्रष्टाचार: ₹10,000 रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बेहद बड़ी और सख्त खबर सामने आई है। यहाँ ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक शासकीय अधिकारी के काले कारनामे को उजागर किया है। इस कार्रवाई के तहत वसई विरार महानगरपालिका भ्रष्टाचार मामले में लिप्त एक वरिष्ठ लिपिक को रंगे हाथ दबोच लिया गया।

आरोपी लोकसेवक की पहचान दिलीप लक्ष्मण लोखंडे (उम्र 52 वर्ष) के रूप में हुई है। वह वसई विरार शहर महानगरपालिका के सातीवली विभागीय कार्यालय (जी वार्ड) में लिपिक (वर्ग-3) के पद पर तैनात था।

## अवैध कब्जे पर कार्रवाई के बदले मांगी थी घूस

दरअसल, यह पूरा मामला एक जमीन विवाद और उस पर अवैध रूप से पेड़ काटने से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता के पास संबंधित भूस्वामी का वैध अधिकार पत्र मौजूद था। इसके बावजूद, एक अन्य व्यक्ति ने उस जमीन पर अवैध कब्जा कर बिना अनुमति के कई पेड़ काट दिए थे।

इसके परिणामस्वरूप, दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करने के नाम पर लिपिक दिलीप लोखंडे ने शिकायतकर्ता से सीधे ₹10,000 की रिश्वत की मांग की थी। हालांकि, शिकायतकर्ता इस भ्रष्टाचार के आगे झुकने को तैयार नहीं था। इसके लिए उन्होंने तुरंत 27 मई 2026 को ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

## एंटी करप्शन ब्यूरो का चक्रव्यूह और रंगे हाथ गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के तुरंत बाद एसीबी की टीम ने 28 मई 2026 को इस पूरे मामले का बेहद बारीकी से सत्यापन किया। जांच में यह पूरी तरह साबित हो गया कि आरोपी लिपिक काम के बदले ₹10,000 की घूस मांग रहा है। इसके तहत, अधिकारियों ने आरोपी को रंगे हाथ दबोचने के लिए सातीवली कार्यालय में एक अचूक जाल बिछाया।

इसके बाद, 2 जून 2026 को जैसे ही आरोपी दिलीप लोखंडे ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, वैसे ही जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी ओर, इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

कानून का शिकंजा और कड़ी कार्रवाई

 

इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इसके तहत, मीरा-भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले वालीव पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बहरहाल, एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इस पूरे रैकेट की आगे की जांच बेहद गहनता से की जा रही है।

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