मुंबई 2 सब-इंस्पेक्टर समेत 5 अन्य पर जबरन वसूली-साइबर केस

मुंबई: खार स्थित स्पर्श लायजन सर्विसेज के मालिकों सहित दो पुलिस सब-इंस्पेक्टर और पांच अन्य के खिलाफ उगाही और साइबर अपराध के आरोप में गुरुवार को मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा खार पुलिस की जांच पर सवाल उठाने के बाद हुई, जो कंपनी के दो पूर्व कर्मचारियों की शिकायत से जुड़ी थी।

डीसीपी (जोन IX) दिक्षित गेडाम ने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब शिकायतकर्ता सुभोजीत डे ने कंपनी से इस्तीफा दिया और नोटिस पीरियड पर थे। डे ने आरोप लगाया कि उनके सीनियर्स और नियोक्ताओं ने पुलिस की मदद से उन्हें निशाना बनाया, क्योंकि उन्हें पता चला था कि वह अपनी खुद की कंपनी शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जो स्पर्श के लिए प्रतिस्पर्धा बन सकती थी। शशांक पवार भी नौकरी छोड़ने की योजना बना रहे थे।

शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई 2024 को कंपनी की सीनियर मैनेजर रसिका भिरवटकर कंपनी परिसर में आईं और उन्होंने सुभोजीत डे और शशांक पवार से उनके निजी मोबाइल फोन और कंपनी द्वारा दिए गए मोबाइल फोन सौंपने की मांग की।

जब दोनों ने अपने निजी फोन देने से इनकार किया, तो भिरवटकर ने उन्हें गालियां दीं और कंपनी के मालिक इंद्रजीत सिंह को कॉल कर स्पीकर पर बात करवाई। आरोप है कि सिंह ने भी उन्हें अपशब्द कहे और धमकी दी कि अगर उन्होंने अपने निजी फोन नहीं दिए, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

डे की वकील भाग्येश कुराने ने कहा कि पुलिस ने गलत तरीके से यह दर्ज किया कि “शिकायतकर्ताओं ने स्वेच्छा से अपने फोन सौंपे।” जबकि शिकायत के मुताबिक, पुलिस ने उनके फोन जब्त किए और इंद्रजीत सिंह तथा चंचल के खातों में ₹1 लाख ट्रांसफर करवाया।

एफआईआर में डे ने कहा, “हमें फंसाया गया और पुलिस व हमारे नियोक्ता (इंद्रजीत) ने कहा कि हमने कंपनी से ₹10 लाख का कर्ज लिया है और हमें यह रकम पुलिस स्टेशन में लाने को कहा गया। मुझे धमकी दी गई कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा और मुझे झूठे केस में फंसा दिया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह उगाही पुलिस स्टेशन के अंदर ही दो पुलिसकर्मियों द्वारा इंद्रजीत सिंह के कहने पर की गई, जो उस कंपनी के मालिक हैं जहां डे काम करते थे।

हाई कोर्ट ने पुलिस को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही खार पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जब्त किए गए फोन जूहू पुलिस को शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में सौंपे जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *