मुंबई: आतिश तिवारी
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक अनुशासन, पार्टी मर्यादा और गठबंधन धर्म को सर्वोपरि रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ महायुति गठबंधन में चुनाव लड़ रही BJP ने उन कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जिन्होंने महायुति के अधिकृत उम्मीदवारों के विरुद्ध निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस आचरण को पार्टी नियमों एवं संगठनात्मक अनुशासन के प्रतिकूल मानते हुए कुल 26 कार्यकर्ताओं को छह वर्षों की अवधि के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है। पार्टी का स्पष्ट मत है कि चुनाव संगठन की सामूहिक रणनीति के अंतर्गत लड़े जाते हैं, न कि व्यक्तिगत निर्णयों के आधार पर।

निलंबित किए गए कार्यकर्ताओं के नाम
आसावरी पाटील, मृदुला महेश पाटील, सुचिता नाईक, जमशुद्दीन नाडर, दिवेश यादव, अयोध्या पाठक, सुचिता संदीप जाधव, के. राकेश कोहळे, दिव्या ढोले, उर्मिला गुप्ता, सुभाष देशमुख, स्नेहलता वांडकेर, प्रिया प्रविण मराज, प्रविण मराज, संगीत कुटवड, प्रशांत ठाकुर, धनश्री अजय बागल, विनीत सिंह, सरवजीत सिंह संधू, अमित शेलार, शोभा सालगांवकर, मोहन आंबेकर, सुशील सिंह, नेहल शाह, सिद्धेश कोरडे तथा जान्हवी राणे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी का यह निर्णय महायुति की एकता, संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि BJP के लिए सिद्धांत, मर्यादा और अनुशासन सर्वोपरि हैं।
वर्तमान में राजनीतिक गलियारों में यह प्रश्न चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि निलंबित कार्यकर्ता निर्दलीय रूप से चुनाव में सफलता प्राप्त करते हैं, तो क्या पार्टी भविष्य में उनके संबंध में पुनर्विचार करेगी, अथवा संगठनात्मक अनुशासन के अपने निर्णय पर दृढ़ बनी रहेगी।
