अंतरराज्य चोर गिरोह गिरफ्तार, 46 लाख के गहने बरामद
महाराष्ट्र की वर्धा पुलिस ने देश भर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्य चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के तीन कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शत-प्रतिशत चोरी का सामान बरामद कर लिया है।
पुलिस को चकमा देने के लिए करते थे हाईटेक हथकंडे
गौरतलब है कि यह अंतरराज्य चोर गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में बंद घरों को अपना निशाना बनाता था। इसके तहत आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा वे पुलिस ट्रैकिंग से बचने के लिए फर्जी फास्टैग (FASTag) का भी उपयोग करते थे।
महाराष्ट्र और तेलंगाना में मचाया था कोहराम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस शातिर गिरोह ने हाल ही में आदिलाबाद, कामारेड्डी और वारंगल जिलों में लगातार चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। इसके परिणामस्वरूप पुलिस पिछले कई दिनों से इन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। हालांकि, गुप्त सूचना के आधार पर वर्धा जिले की वडनेर पुलिस ने घेराबंदी करके इन्हें धर दबोचा।

सवा 46 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त
पुलिस ने इस सफल कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से करीब 46,46,600 रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण जब्त किए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने 33 तोले सोना, 71 तोले चांदी, एक स्विफ्ट डिजायर कार, चार मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। वहीं दूसरी ओर, चोरी में इस्तेमाल होने वाले लोहे के रॉड, कटर और दो फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त किए गए हैं।
| जब्त की गई सामग्री | कुल मात्रा / विवरण |
|---|---|
| सोने के आभूषण | 331.900 ग्राम (बाजार मूल्य ₹46,46,600) |
| चांदी के आभूषण | 718.700 ग्राम |
| वाहन | एक स्विफ्ट डिजायर कार (MH-45-AL-0921) |
| हथियार व उपकरण | लोहे के रॉड, ड्रिलिंग रॉड, कटर, फर्जी नंबर प्लेट |
कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए तीनों आरोपी बेहद सरायत और आदतन अपराधी हैं। इसके तहत इन अपराधियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और चेन स्नैचिंग जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद ये जमानत पर बाहर आकर फिर से इस अंतरराज्य चोर गिरोह को सक्रिय कर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस को देख भागने की कर रहे थे कोशिश
जब वडनेर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान आरोपियों की कार को रोकने का इशारा किया, तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी से पीछा करके इन्हें सफलतापूर्वक दबोच लिया। इस सराहनीय ऑपरेशन को एपीआई घनश्याम पाटिल, पीएससी भरतकुमार वर्मा, एएसआई प्रशांत भाईमारे, हेड कांस्टेबल समीर कामडी और कांस्टेबल संदीप बडकी की टीम ने अंजाम दिया है।
वर्धा पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक बड़े अंतरराज्य चोर गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित हुई है, बल्कि कई अनसुलझे मामलों का भी खुलासा हुआ है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर रही है।

