प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने 6 ठिकानों पर छापेमारी कर 31 बैंक खाते फ्रीज किए, करोड़ों की ठगी की जांच तेज
अहमदाबाद: विशेष संवाददाता
फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए विदेशी नागरिकों से की जा रही साइबर ठगी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अहमदाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में एजेंसी ने 31 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनके जरिए अवैध रूप से अर्जित धन को घुमाया जा रहा था।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत दर्ज मामलों के आधार पर की। जांच में सामने आया कि यह फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर संचालित किया जा रहा था। आरोपी खुद को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों या प्रतिष्ठित निजी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते थे और पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई, टैक्स बकाया या ऋण संबंधी मामलों का डर दिखाकर पैसे ऐंठते थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, कॉल सेंटर संचालक पीड़ितों को अमेज़न जैसे प्लेटफॉर्म के गिफ्ट कार्ड खरीदने या डिजिटल भुगतान करने के लिए मजबूर करते थे। इसके बाद इस धनराशि को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर या अन्य डिजिटल माध्यमों से भारत भेजा जाता था। यह पूरा तंत्र एक संगठित नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा था, जिसमें कॉल स्क्रिप्ट, प्रशिक्षित कर्मचारी और केंद्रीकृत फाइनेंशियल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया गया है। एजेंसी ने एक आरोपी के कब्जे से हजारों अमेरिकी डॉलर के बराबर क्रिप्टोकरेंसी को अपने अधिकृत क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर किया है। इसके अलावा लगभग 13.5 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान एक बैंक लॉकर को भी सीज किया गया है।
इस मामले में जिन प्रमुख आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें मोहम्मद अंसारी उर्फ इरफान अंसारी, आकिब गुलामरसूल घांची, विकास के. निमार, दिव्यांग रावल और प्रदीप वी. राठौड़ शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि ये लोग इस पूरे कॉल सेंटर फ्रॉड नेटवर्क के संचालन और अवैध धन के प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहे थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी जारी है और साइबर ठगी व धन शोधन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं तथा अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों ने दोहराया है कि फर्जी कॉल सेंटरों और साइबर फ्रॉड के जरिए देश की आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

