गैस बिल अपडेट के नाम पर 5.44 लाख रुपये की ठगी

मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी: गैस बिल के नाम पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले झारखंड के 2 ठग गिरफ्तार

मुंबई की कफ परेड पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने झारखंड के बोकारो जिले से जुड़े दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा, पुलिस ने इस गिरोह के एक बिल्कुल नए और खतरनाक मोडस ऑपेरंडी (काम करने के तरीके) को भी उजागर किया है।  

गैस बिल अपडेट के नाम पर 5.44 लाख रुपये की ठगी

गौरतलब है कि 23 फरवरी 2026 को ठगों ने महानगर गैस एजेंसी का फर्जी कर्मचारी बनकर पीड़ित से संपर्क किया था। इसके बाद, उनके व्हाट्सएप पर ‘GasBill Update.apk’ नामक एक घातक फाइल भेजी गई। इसके तहत, पीड़ित के मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस (Unauthorized access) हासिल कर लिया गया। इसके परिणामस्वरूप, आरोपियों ने पीड़ित के HDFC, ICICI क्रेडिट कार्ड और AXIS, INDUSIND बैंक के डेबिट कार्ड की गोपनीय जानकारी चुराकर कुल 5,44,827 रुपये की साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।  

पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी कहानी

 

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कफ परेड पुलिस स्टेशन के साइबर अधिकारियों ने इस मामले की गहन तकनीकी जांच शुरू की। तफ्तीश में सामने आया कि पीड़ित के पैसों से विक्की ठक्कर और शुभमकुमार शॉ के क्रेडिट कार्ड का आउटस्टैंडिंग बिल भरा गया था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर ठगी की कैश रकम स्वीकार करने वाले आरोपी गोविंद श्यामलाल मंडल (उम्र 42 वर्ष) को दबोच लिया।  

इसके बावजूद, पुलिस टीम यहीं नहीं रुकी। गोविंद से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी मदन जयलाल साव उर्फ साहू (उम्र 40 वर्ष) को भी 18 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी झारखंड के बोकारो जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस को इनके पास से विभिन्न व्यक्तियों के नाम वाले कई क्रेडिट कार्ड की जानकारी और व्हाट्सएप चैट मिले हैं। वहीं दूसरी ओर, पुलिस अब इस मामले में जामतारा के रहने वाले वांछित आरोपी प्रदीप मंडल और दिनेश मंडल की तलाश कर रही है।

म्यूल बैंक अकाउंट’ की जगह ठगों ने निकाला नया तरीका

इस जांच में साइबर धोखाधड़ी का एक नया और चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। पहले साइबर अपराधी ठगी का पैसा ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (Mule Bank Account) का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, पीड़ित द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत करने से वह पैसा मनी ट्रेल में होल्ड हो जाता था।  

इसकी पळवाट (काट) निकालने के लिए अपराधियों ने नया तरीका खोजा। इसके तहत, वे भारी क्रेडिट कार्ड बिल बकाया वाले लोगों को कमीशन का लालच देकर फंसाते थे। इसके बाद, ठगी के पैसों से सीधे उन लोगों का क्रेडिट कार्ड बिल भर दिया जाता था और उनसे तुरंत नकद (Cash) ले ली जाती थी। इस वजह से ‘गोल्डन ऑवर’ में शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस को पैसे होल्ड करने में भारी दिक्कत आ रही थी।  

कफ परेड पुलिस की जांच टीम

इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली जांच टीम में कफ परेड पुलिस स्टेशन के मुख्य अधिकारी शामिल रहे:  

मार्गदर्शन: श्री मनीष कलवानिया (पुलिस उपायुक्त, परिमंडल 1, मुंबई), श्री शशिकीरण काशिद (सहायक पुलिस आयुक्त, कुलाबा विभाग) और श्री सतिश गायकवाड (वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, कफ परेड पुलिस थाना)।  

जांच अधिकारी व टीम: महिला पुलिस निरीक्षक अश्विनी पाटिल, सहायक पुलिस निरीक्षक (API) अमित देवकर, पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) रूपेशकुमार भागवत, पुलिस हवलदार अनिल उदागे, सचिन पाटिल और पुलिस सिपाही वासिम शेख व अमर देशमुख।  

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