मुंबई में ₹50 करोड़ की ड्रग्स लैब तबाह, 3 गिरफ्तार

मुंबई में ₹50 करोड़ की अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 3 तस्कर गिरफ्तार

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। अंमली पदार्थ विरोधी कक्ष (ANC) ने एग्रीपाडा में चल रही ड्रग्स लैब को ध्वस्त कर दिया है।

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में भारी सफलता मिली है। नतीजतन, पुलिस ने 50 करोड़ 74 लाख रुपये मूल्य की मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स बरामद की है। इसके साथ ही, मौके से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस को मिली गुप्त सूचना

शुरुआत में, एंटी-नारकोटिक्स सेल की कांदिवली यूनिट को एक गुप्त सूचना मिली थी। इस इनपुट में एग्रीपाडा में ड्रग्स फैक्ट्री चलने की बात सामने आई थी।

इसके तुरंत बाद, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने सूझबूझ से काम लिया। फिर, टीम ने संदिग्ध ठिकाने पर अचानक घेराबंदी कर दी।

जब पुलिस ने वहां छापा मारा, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। दरअसल, वहां आधुनिक उपकरणों की मदद से मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स तैयार की जा रही थी।

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

जांच के दौरान, पुलिस ने लैब से तैयार और लिक्विड ड्रग्स बरामद की। कुल 14 किलो 493 ग्राम मेफेड्रोन जब्त की गई है। बरामद सामग्रियों का विवरण नीचे दिया गया है:

इसके अलावा, 8 किलो 305 ग्राम लिक्विड एम.डी. ड्रग्स मिली। इसकी कीमत ₹29.08 करोड़ है।

साथ ही, 6 किलो 188 ग्राम तैयार मेफेड्रोन ड्रग्स जब्त हुई। इसकी कीमत ₹21.65 करोड़ है।

इसके अतिरिक्त, एक देसी पिस्तौल और 19 जिंदा कारतूस मिले। इनकी कीमत ₹64,000 है।

यही नहीं, तस्करों के पास से भारी मात्रा में केमिकल्स मिले हैं। इसके बाद, ड्रग्स बनाने वाले कई उपकरण और कच्चे माल को भी जब्त किया गया।

आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई

नतीजतन, तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इसके बाद, पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ कांदिवली यूनिट में मामला दर्ज किया है।

इन पर NDPS कानून 1985 की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा, भारतीय हथियार कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज हुआ है।

वर्तमान में, पुलिस इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है। हालांकि, यह पता लगाया जाना बाकी है कि इस रैकेट के तार और कहां जुड़े हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रणनीति

उल्लेखनीय है कि, मुंबई में नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई जा रही है। वास्तव में, इस सफल ऑपरेशन को पुलिस के आला अफसरों का सीधा मार्गदर्शन प्राप्त था। इसे:

मुंबई पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती के निर्देश पर पूरा किया गया।

इसके साथ ही, पुलिस सह आयुक्त (क्राइम) श्री अनिल कुंभारे भी शामिल थे।

इसके अलावा, अपर पुलिस आयुक्त श्री कृष्णकांत उपाध्याय का मार्गदर्शन मिला।

साथ ही, पुलिस उप आयुक्त श्री नवनाथ ढवले के कड़े निर्देश शामिल थे।

आखिरकार, सहायक पुलिस आयुक्त श्री सुधीर हिरडेकर के नेतृत्व में टीम ने काम किया। कांदिवली यूनिट के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री शशिकांत जगदाले और स.पो.नि. उल्हास खोलम ने इस रेड को सफल बनाया। नतीजतन, पुलिस की इस कामयाबी से ड्रग्स सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है।

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