ठाणे: ठाणे महानगरपालिका के उपायुक्त उमेश बिरारी को भूमि अधिग्रहण प्रकरण में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद की गई है।

जानकारी के अनुसार, उमेश बिरारी जब मुंबई उपनगर में उपविभागीय अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उस दौरान बोरिवली क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया। आरोप है कि जमीन का मूल्यांकन वास्तविक बाजार दर के बजाय फ्लैट बिक्री के आधार पर किया गया, जो सरकारी मानकों के विपरीत है।
मामले में यह भी सामने आया कि संबंधित जमीन मालिकों की सहमति के बिना ही लगभग 60.30 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि सीधे डेवलपर को वितरित कर दी गई, जिससे डेवलपर को अनुचित लाभ पहुंचा।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए 20 जुलाई 2025 को विभागीय जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने बिरारी के निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान उन्हें ठाणे महानगरपालिका मुख्यालय के बजाय ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

