ठाणे ड्रग्स केस: ₹4.12 करोड़ की MD जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार

ठाणे: आतिश तिवारी

ठाणे शहर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए प्रभावी कार्रवाई की है। दरअसल, प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 23 मार्च 2026 को चराई क्षेत्र में सुनियोजित छापेमारी की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर तलाशी की गई, जिसमें महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी।

 

तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 2 किलो 62 ग्राम एमडी अर्थात मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹4.12 करोड़ बताई जा रही है। इसके पश्चात, जांच के दौरान एक अन्य संबंधित आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, सभी आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8(क), 21(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि आरोपी संगठित रूप से मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और वितरण में संलिप्त थे। वहीं, पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह प्रतिबंधित पदार्थ कहां से लाया गया और किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाना था।

उक्त कार्रवाई माननीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न की गई, जिसमें श्री अमरसिंह जाधव, पुलिस उपायुक्त (अपराध), ठाणे तथा श्री रवीन्द्र दौंडकर, सहायक पुलिस आयुक्त (रोकथाम), अपराध, ठाणे का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जनार्दन सोनावणे द्वारा किया गया, जिनके साथ एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड, अपराध शाखा, ठाणे की टीम सक्रिय रूप से शामिल रही।

इस टीम में सपोनी निलेश मोरे, सपोनी सोमनाथ कर्णवार-पाटिल, पोउनि दीपक दुम्मलवाड, पोउनि राजेंद्र निकम, ग्रा.पो.नि मोहन परब, पोहवा अमोल देसाई, पोहवा संदीप चव्हाण, पोहवा हरीश तावड़े, पोहवा नंदकिशोर सोनगिरे, पोहवा अमोल पवार, पोहवा हुसैन तड़वी, पोहवा अजय सपकाल, पोहवा अमित सपकाल, पोहवा अभिजीत मोरे, पोहवा गिरीश पाटिल, पोशी आबाजी चव्हाण, चपोना अनूप राक्शे, मापोहवा शिल्पा कस्बे तथा मापोशी कोमल लाडे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।

कानूनी दृष्टिकोण से देखा जाए तो एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत इस प्रकार के अपराधों को अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखा गया है, जिसमें कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है। ऐसे में यह कार्रवाई न केवल कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *