Forex–Gold Trading के नाम पर 200 करोड़ की ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार

मीरा-भायंदर | मुंबई: आतिश तिवारी 
ऑनलाइन निवेश के नाम पर आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Forex–Gold Trading में मोटे मुनाफे का झांसा देकर देशभर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस जांच में अब तक 51 से अधिक ठगी के मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि ठगी की वास्तविक रकम इससे कहीं अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

Forex–Gold Trading कैसे बना साइबर ठगी का हथियारजांच में सामने आया है कि आरोपी मॅट्रीमोनियल वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पहले लोगों से संपर्क करते थे। भरोसा जीतने के बाद उन्हें विदेशी Forex और Gold Trading प्लेटफॉर्म्स पर निवेश का प्रस्ताव दिया जाता था । शुरुआती चरण में फर्जी मुनाफा दिखाकर पीड़ितों को विश्वास में लिया जाता और बाद में बड़ी रकम निवेश करवा कर ठगी को अंजाम दिया जाता था।

आरोपी फर्जी प्रोफाइल्स के जरिए भावनात्मक जुड़ाव बनाते थे। इसके बाद पीड़ितों को Forex–Gold Trading App, लिंक और ट्रेडिंग अकाउंट उपलब्ध कराए जाते थे, जो पूरी तरह से फर्जी होते थे। जैसे ही बड़ी राशि निवेश होती, संपर्क बंद कर दिया जाता था।

12 नवंबर 2025 को अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष–4 की टीम ने मुंबई–अहमदाबाद हाईवे स्थित शिवसाई रेसिडेंसी, मौजे बापाने में छापेमारी कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में:
रोशनकुमार सिथारामा शेट्टी, साबिर मोहम्मद खान, सनद संजीव दास, राहुलकुमार उर्फ कैलाश राकेशकुमार, आमिर करम शेर खान, अभिषेक अनिल नारकर उर्फ गोपाल और मोहम्मद रशीद फकीर मोहम्मद बलोच उर्फ लक्की शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इस Forex–Gold Trading Scam के तार विदेशों से जुड़े हुए हैं। ठगी की रकम को विदेशी बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन के माध्यम से ट्रांसफर किया जा रहा था। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, डीसीपी (अपराध) संदीप डोईफोडे और एसीपी मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में की गई। प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख के नेतृत्व में अपराध प्रकटीकरण शाखा, कक्ष–4 की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर इस साइबर रैकेट को ध्वस्त किया।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे Forex–Gold Trading या किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच करें। अनजान कॉल, सोशल मीडिया मैसेज और फर्जी ऐप्स से सतर्क रहें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करें।

यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है। Forex–Gold Trading में तेज मुनाफे का लालच अक्सर ठगी की ओर ले जाता है। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

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