मुंबई पुलिस का ‘न्यू ईयर गिफ्ट’: चोरी और गुम हुए करोड़ों के मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए
रिपोर्टर आशीष सिंह
मुंबई: साल 2025 के अंत में मुंबई पुलिस ने आम जनता को एक बड़ी राहत देते हुए करोड़ों रुपये के चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, शहर के विभिन्न जोनों में सैकड़ों नागरिकों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस सौंपे गए।
CEIR तकनीक का हुआ सटीक इस्तेमाल
मुंबई पुलिस इस समय CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से गुमशुदा फोनों को ट्रैक कर रही है। यह एक केंद्रीकृत प्रणाली है जो मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उन्हें ब्लॉक करने और ढूंढने में मदद करती है। पुलिस की विशेष टीमें इस तकनीक का उपयोग कर उन फोनों का पता लगा रही हैं जो शहर या राज्य की सीमाओं के पार चले गए थे।
जोन 3: 523 मोबाइल और करोड़ों का कीमती सामान बरामद
DCP कृष्णकांत उपाध्याय के नेतृत्व में जोन 3 ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों को उनके फोन लौटाए।
• बरामदगी: आज कुल 523 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को दिए गए।
• कीमत: इन फोनों की अनुमानित कीमत करीब ₹1,07,21,500 बताई जा रही है।
• कुल रिकॉर्ड: पिछले कुछ महीनों में जोन 3 ने कुल 879 फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने चोरी हुए करोड़ों रुपये के गहने और अन्य कीमती सामान भी रिकवर कर पीड़ितों को लौटाए हैं।
जोन 4: विशेष तलाशी अभियान में मिली बड़ी सफलता
DCP आर. रागसुधा के नेतृत्व में जोन 4 ने भी मोबाइल रिकवरी का एक बड़ा अभियान चलाया। यह अभियान विशेष रूप से 2022 से 2025 के बीच चोरी हुए उपकरणों पर केंद्रित था।
• रिकवरी का समय: 27 अक्टूबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच एक गहन तलाशी अभियान चलाया गया।
• बरामद फोन: अन्य राज्यों की पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर कुल 637 मोबाइल फोन जब्त किए गए।
• मूल्य: इन फोनों की कुल कीमत लगभग ₹1,08,41,300 (एक करोड़ आठ लाख इकतालीस हजार तीन सौ रुपये) है।
आम नागरिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
अपना फोन वापस पाकर कई नागरिक भावुक नजर आए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन केवल एक उपकरण नहीं है, बल्कि उसमें व्यक्ति का निजी डेटा और यादें जुड़ी होती हैं। पुलिस का यह अभियान नए साल के आगमन से पहले जनता के बीच सुरक्षा और विश्वास का संदेश देने के लिए चलाया गया है।
“हमारा लक्ष्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि पीड़ितों को उनका खोया हुआ सामान वापस दिलाकर उनके विश्वास को बहाल करना है।” — मुंबई पुलिस अधिकारी

